रविवार, 24 जनवरी 2021

Jindgi ko jiyo 

Samjo nahi.।।।। 


Kuchh log is jindgi ko samjhne mai hi itna ulaj jate hai ke

Apni kimti jindagi ko jina chhor dete hai 

Are bhai malik ne ye Jindagi jine k liye di ab isko samajkar kya kiya jayega 

Agar jina chhor kr jindagi ko samjhna ki koashishe karenge to ant mai yahi gana hame bhi gana hoga.।।।। 

Kai


Jab tak maine socha 

Jivan kya hai 

Jivan hi bit ga ya 

Isliye mere dost jingi ko samjane m samay vyarth na karke Jindagi ko jiyo 

Khul kar jiyo 

Dosto khush raho 

Yahi meri duaaye hai 

Thanks 🌹


शनिवार, 23 जनवरी 2021

Shubh vichar

 *"सफलता" की पोशाक*

       *कभी तैयार नहीं मिलती*

      *इसे बनाने के लिए*

     *"मेहनत" का हुनर चाहिए.!*

Parents :-

Safalta ek bari chez hai mana 

Lekin sabse bari doalat insaan k liye uske mata pita h

Afsos k mata pita k khone k bad unki value ka pata chalta h 

Insaan apne parents se bahut pyaar karta h 

Lekin unk chale jaane k baad use vo sub yaad aata h k usne kya kamiya ki kya galtiya ki 

Isliye aaj mai yahi samja hun k jinke mata pita jivit h ve duniya k amir and safal insaan hai chahe unk paas kuchh aur ho na ho 

Take care your parents 

Thanks 🌹


 Teri ankhon ke siva 

Duniya mai rakha kya hai

तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
ये उठें सुबह चले, ये झुकें शाम ढले
मेरा जीना मेरा मरना इन्हीं पलकों के तले
तेरी आँखों के सिवा ...

(रफ़ी)
पलकों की गलियों में चेहरे बहारों के हँसते हुए
हैं मेरे ख़ाबों के क्या-क्या नगर इनमें बसते हुए
ये उठें सुबह चले ...

इनमें मेरे आनेवाले ज़माने की तस्वीर है
चाहत के काजल से लिखी हुई मेरी तक़दीर है
ये उठें सुबह चले ...

(लता)
ठोकर जहाँ मैने खाई इन्होंने पुकारा मुझे
ये हमसफ़र हैं तो काफ़ी है इनका सहारा मुझे 
ये उठें सुबह चले ...

ये हों कहीं इनका साया मेरे दिल से जाता नहीं
इनके सिवा अब तो कुछ भी नज़र मुझको आता नहीं
ये उठें सुबह चले ...
Movie/Album: सरस्वतीचन्द्र (1968)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: लता मंगेशकर, मुकेश

चन्दन सा बदन, चंचल चितवन
धीरे से तेरा ये मुस्काना
मुझे दोष न देना जगवालों
हो जाऊं अगर मैं दीवाना
(हो जाए अगर दिल दीवाना)

ये काम कमान भंवे तेरी
पलकों के किनारे कजरारे
माथे पर सिंदूरी सूरज
होंठों पे दहकते अंगारे
साया भी जो तेरा पड़ जाए
आबाद हो दिल का वीराना
चन्दन सा बदन...

तन भी सुन्दर, मन भी सुन्दर
तू सुन्दरता की मूरत है
किसी और को शायद कम होगी
मुझे तेरी बहुत जरुरत है
पहले भी बहुत मैं तरसा हूँ (दिल तरसा है)
तू और ना दिल को तरसाना
चन्दन सा बदन...

ये विशाल नयन, जैसे नील गगन
पंछी की तरह खो जाऊ मैं
सिरहाना जो हो तेरी बाहों का
अंगारों पे सो जाऊं मैं
मेरा बैरागी मन डोल गया
देखी जो अदा तेरी मस्ताना
चन्दन सा बदन...
Movie/Album: सरस्वती चन्द्र (1968)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: लता मंगेशकर

कहाँ चला ऐ मेरे जोगी, जीवन से तू भाग के
किसी एक दिल के कारण, यूँ सारी दुनिया त्याग के

छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए
ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए
प्यार से भी ज़रूरी कई काम हैं
प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए

तन से तन का मिलन हो न पाया तो क्या
मन से मन का मिलन कोई कम तो नहीं
खुशबू आती रहे दूर ही से सही
सामने हो चमन कोई कम तो नहीं
चाँद मिलता नहीं सबको संसार में
है दिया ही बहुत रौशनी के लिए
छोड़ दे सारी...

कितनी हसरत से तकती हैं कलियाँ तुम्हें
क्यूँ बहारों को फिर से बुलाते नहीं
एक दुनिया उजड़ ही गयी है तो क्या
दूसरा तुम जहाँ क्यूँ बसाते नहीं
दिल न चाहे भी तो साथ संसार के
चलना पड़ता है सबकी खुशी के लिए
छोड़ दे सारी...

Song Lyrics in Hindi

ह्म ह्म ह्म ह्म…

सोचेंगे तुम्हें प्यार करे के नहीं
ये दिल बेक़रार करे के नहीं
यादों में बसाया तुमको ख्वाबों में छुपाया तुमको – २
मिलोगे हमें तुम जानम, कहीं ना कहीं
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे के नहीं

तुम हो खिलता महका सा कमल – २
हम जो गाये तुम हो वो गज़ल
कमसिन भोला सा मुखड़ा लगती हो चाँद का इक टुकड़ा
तुमसा नहीं है कोई, प्यारा सनम, प्यारा सनम
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे के नहीं
ये दिल बेक़रार करे के नहीं

जिस दिन तुम को देखेगी नज़र – २
जाने दिल पे होगा क्या असर
रखेंगे तुमको निगाहों में, भर लेंगे तुम्हें बाहों में
ज़ुल्फ़ों को हम सुलझायेंगे इश्क़ में दुनिया भुला देंगे
ये बेक़रारी अब तो, होगी ना कम, होगी ना कम
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे के नहीं …



Jindgi ko jiyo  Samjo nahi.।।।।  Kuchh log is jindgi ko samjhne mai hi itna ulaj jate hai ke Apni kimti jindagi ko jina chhor dete hai  Are ...